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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.103
(17 verses)
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Sanskrit Text
अथ
शुश्राव
विप्रेभ्यो
गान्धारीं
सुबलात्मजाम्
।
आराध्य
वरदं
देवं
भगनेत्रहरं
हरम्
।
गान्धारी
किल
पुत्राणां
शतं
लेभे
वरं
शुभा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अथ | शुश्राव | विप्रेभ्यो | यादवस्य | महीपतेः
आराध्य | वर + द | देवं | भग + नेत्र + हर | हरम्
गान्धारी | किल | पुत्राणां | शतं | लेभे | वरं | शुभा
आराध्य | वर + द | देवं | भग + नेत्र + हर | हरम्
गान्धारी | किल | पुत्राणां | शतं | लेभे | वरं | शुभा