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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.103
(17 verses)
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Sanskrit Text
मन्ये
वरयितव्यास्ता
इत्यहं
धीमतां
वर
।
संतानार्थं
कुलस्यास्य
यद्वा
विदुर
मन्यसे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
मन्ये | वरय् + तद् | इति + मद् | धीमतां | वर
संतान + अर्थ | कुल + इदम् | यद् | वा | विदुर | मन्यसे
संतान + अर्थ | कुल + इदम् | यद् | वा | विदुर | मन्यसे