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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.103
(17 verses)
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Sanskrit Text
ततः
सा
पट्टमादाय
कृत्वा
बहुगुणं
शुभा
।
बबन्ध
नेत्रे
स्वे
राजन्पतिव्रतपरायणा
।
नात्यश्नीयां
पतिमहमित्येवं
कृतनिश्चया
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततः | सा | पट्टम् | आदाय | कृत्वा | बहु + गुण | शुभा
बबन्ध | नेत्रे | स्वे | राजन् | पति + व्रत + परायण
न + अत्यश् | पतिम् | अहम् | इति + एवम् | कृ + निश्चय
बबन्ध | नेत्रे | स्वे | राजन् | पति + व्रत + परायण
न + अत्यश् | पतिम् | अहम् | इति + एवम् | कृ + निश्चय