Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.103
(17 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
गान्धारी
त्वपि
शुश्राव
धृतराष्ट्रमचक्षुषम्
।
आत्मानं
दित्सितं
चास्मै
पित्रा
मात्रा
च
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
गान्धारी | तु + अपि | शुश्राव | धृतराष्ट्रम्
आत्मानं | दित्सितं | च + इदम् | पित्रा | मात्रा | च | भारत
आत्मानं | दित्सितं | च + इदम् | पित्रा | मात्रा | च | भारत