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Currently viewing: Parva 9 -
Chapter 9.58
(24 verses)
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Sanskrit Text
पुनश्च
राज्ञः
पतितस्य
भूमौ;
स
तां
गदां
स्कन्धगतां
निरीक्ष्य
।
वामेन
पादेन
शिरः
प्रमृद्य;
दुर्योधनं
नैकृतिकेत्यवोचत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पुनर् + च | राज्ञः | पतितस्य | भूमौ | स | तां | गदां | स्कन्ध + गम् | निरीक्ष्य
वामेन | पादेन | शिरः | प्रमृद्य | दुर्योधनं | नैकृतिक + इति + वच्
वामेन | पादेन | शिरः | प्रमृद्य | दुर्योधनं | नैकृतिक + इति + वच्