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Currently viewing: Parva 9 -
Chapter 9.41
(39 verses)
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Sanskrit Text
ततो
भीता
सरिच्छ्रेष्ठा
चिन्तयामास
भारत
।
उभयोः
शापयोर्भीता
कथमेतद्भविष्यति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | भीता | सरित् + श्रेष्ठ | चिन्तयामास | भारत
उभयोः | शापयोर् | भीता | कथम् | एतद् | भविष्यति
उभयोः | शापयोर् | भीता | कथम् | एतद् | भविष्यति