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Currently viewing: Parva 9 -
Chapter 9.2
(65 verses)
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Sanskrit Text
नान्यदत्र
परं
मन्ये
वनवासादृते
प्रभो
।
सोऽहं
वनं
गमिष्यामि
निर्बन्धुर्ज्ञातिसंक्षये
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न + अन्य | अत्र | परं | मन्ये | वन + वास | ऋते | प्रभो
सो | ऽहं | वनं | गमिष्यामि | निर्बन्धुर् | ज्ञाति + संक्षय
सो | ऽहं | वनं | गमिष्यामि | निर्बन्धुर् | ज्ञाति + संक्षय