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Currently viewing: Parva 9 -
Chapter 9.13
(45 verses)
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Sanskrit Text
अगम्यरूपा
पृथिवी
मांसशोणितकर्दमा
।
बभूव
भरतश्रेष्ठ
रुद्रस्याक्रीडनं
यथा
।
भीरूणां
त्रासजननी
शूराणां
हर्षवर्धनी
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अगम्य + रूप | पृथिवी | मांस + शोणित + कर्दम
बभूव | भरत + श्रेष्ठ | रुद्र + आक्रीडन | यथा
भीरूणां | त्रास + जनन | शूराणां | हर्ष + वर्धन
बभूव | भरत + श्रेष्ठ | रुद्र + आक्रीडन | यथा
भीरूणां | त्रास + जनन | शूराणां | हर्ष + वर्धन