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Currently viewing: Parva 8 -
Chapter 8.69
(43 verses)
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Sanskrit Text
हतो
वैकर्तनः
क्रूरः
सूतपुत्रो
महाबलः
।
दिष्ट्या
जयसि
राजेन्द्र
दिष्ट्या
वर्धसि
पाण्डव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
हते | वैकर्तने | कर्णे | सूतपुत्रे | दुरात्मनि
दिष्ट्या | जयसि | राजन् + इन्द्र | दिष्ट्या | वर्धसि | पाण्डव
दिष्ट्या | जयसि | राजन् + इन्द्र | दिष्ट्या | वर्धसि | पाण्डव