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Currently viewing: Parva 8 -
Chapter 8.63
(83 verses)
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Sanskrit Text
द्यौरासीत्कर्णतो
व्यग्रा
सनक्षत्रा
विशां
पते
।
भूमिर्विशाला
पार्थस्य
माता
पुत्रस्य
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
द्यौर् | आसीत् | कर्णतो | व्यग्रा | स + नक्षत्र | विशां | पते
भूमिर् | विशाला | पार्थस्य | माता | पुत्रस्य | भारत
भूमिर् | विशाला | पार्थस्य | माता | पुत्रस्य | भारत