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Currently viewing: Parva 8 -
Chapter 8.63
(83 verses)
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Sanskrit Text
इन्द्रवृत्राविव
क्रुद्धौ
सूर्याचन्द्रमसप्रभौ
।
महाग्रहाविव
क्रूरौ
युगान्ते
समुपस्थितौ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इन्द्र + वृत्र | इव | क्रुद्धौ | सूर्या + चन्द्रमा + सप्रभ
महत् + ग्रह | इव | क्रूरौ | युग + अन्त | समुपस्थितौ
महत् + ग्रह | इव | क्रूरौ | युग + अन्त | समुपस्थितौ