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Currently viewing: Parva 8 -
Chapter 8.49
(116 verses)
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Sanskrit Text
गच्छाम्यहं
वनमेवाद्य
पापः;
सुखं
भवान्वर्ततां
मद्विहीनः
।
योग्यो
राजा
भीमसेनो
महात्मा;
क्लीबस्य
वा
मम
किं
राज्यकृत्यम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
गच्छाम्य् | अहं | वनम् | एव + अद्य | पापः | सुखं | भवान् | वर्ततां | मद् + विहा
योग्यो | राजा | भीमसेनो | महात्मा | क्लीबस्य | वा | मम | किं | राज्य + कृत्य
योग्यो | राजा | भीमसेनो | महात्मा | क्लीबस्य | वा | मम | किं | राज्य + कृत्य