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Currently viewing: Parva 8 -
Chapter 8.43
(78 verses)
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Sanskrit Text
स्थूणाकर्णेन्द्रजालेन
पार्थ
पाशुपतेन
च
।
प्रच्छादयन्तो
राजानमनुयान्ति
महारथाः
।
आतुरो
मे
मतो
राजा
संनिषेव्यश्च
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स्थूणाकर्ण + इन्द्रजाल | पार्थ | पाशुपतेन | च
प्रच्छादयन्तो | राजानम् | अनुयान्ति | महत् + रथ
आतुरो | मे | मतो | राजा | संनिषेव्यश् | च | भारत
प्रच्छादयन्तो | राजानम् | अनुयान्ति | महत् + रथ
आतुरो | मे | मतो | राजा | संनिषेव्यश् | च | भारत