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Currently viewing: Parva 8 -
Chapter 8.26
(74 verses)
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Sanskrit Text
विरम
विरम
कर्ण
कत्थना;दतिरभसोऽस्यति
चाप्ययुक्तवाक्
।
क्व
च
हि
नरवरो
धनंजयः;
क्व
पुनरिह
त्वमुपारमाबुध
॥
Padaccheda (Word Analysis)
विरम | विरम | कर्ण | कत्थनाद् | अति + रभस | ऽस्यति | च + अपि | अयुक्त + वाच्
क्व | च | हि | नर + वर | धनंजयः | क्व | पुनर् | इह | त्वम् | उपारम् + अबुध
क्व | च | हि | नर + वर | धनंजयः | क्व | पुनर् | इह | त्वम् | उपारम् + अबुध