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Currently viewing: Parva 8 -
Chapter 8.14
(64 verses)
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Sanskrit Text
वर्माणि
चापविद्धानि
रुक्मपृष्ठानि
भारत
।
सुवर्णविकृतान्प्रासाञ्शक्तीः
कनकभूषिताः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पश्य | भारत | चापानि | रुक्म + पृष्ठ | धन्विनाम्
सुवर्ण + विकृ | प्रासाञ् | शक्तीः | कनक + भूषय्
सुवर्ण + विकृ | प्रासाञ् | शक्तीः | कनक + भूषय्