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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.8
(39 verses)
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Sanskrit Text
दिवि
शक्रमिव
श्रेष्ठं
महामात्रं
धनुर्भृताम्
।
के
नु
तं
रौद्रकर्माणं
युद्धे
प्रत्युद्ययू
रथाः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
दिवि | शक्रम् | इव | श्रेष्ठं | महामात्रं | धनुर्भृताम्
के | नु | तं | रौद्र + कर्मन् | युद्धे | प्रत्युद्ययू | रथाः
के | नु | तं | रौद्र + कर्मन् | युद्धे | प्रत्युद्ययू | रथाः