Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.72
(35 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
पुण्डरीकवनानीव
विध्वस्तानि
समन्ततः
।
चक्राते
द्रोणपाञ्चाल्यौ
नृणां
शीर्षाण्यनेकशः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पुण्डरीक + वन + इव | विध्वस्तानि | समन्ततः
चक्राते | द्रोण + पाञ्चाल्य | नृणां | शीर्ष + अनेकशस्
चक्राते | द्रोण + पाञ्चाल्य | नृणां | शीर्ष + अनेकशस्