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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.71
(31 verses)
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Sanskrit Text
तावन्योन्यं
दृढं
विद्धावन्योन्यशरविक्षतौ
।
रेजतुः
समरे
राजन्पुष्पिताविव
किंशुकौ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तद् + अन्योन्य | दृढं | व्यध् + अन्योन्य + शर + विक्षन्
रेजतुः | समरे | राजन् | पुष्पित + इव | किंशुकौ
रेजतुः | समरे | राजन् | पुष्पित + इव | किंशुकौ