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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.69
(75 verses)
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Sanskrit Text
अधस्ताद्धरणीं
योऽसौ
सदा
धारयते
नृप
।
स
शेषः
पन्नगश्रेष्ठः
स्वस्ति
तुभ्यं
प्रयच्छतु
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अधस्ताद् | धरणीं | यो | ऽसौ | सदा | धारयते | नृप
स | शेषः | पन्नग + श्रेष्ठ | स्वस्ति | तुभ्यं | प्रयच्छतु
स | शेषः | पन्नग + श्रेष्ठ | स्वस्ति | तुभ्यं | प्रयच्छतु