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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.62
(23 verses)
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Sanskrit Text
यथा
तु
पुरुषव्याघ्रैर्युद्धं
परमसङ्कटम्
।
कुरूणां
पाण्डवैः
सार्धं
तत्सर्वं
शृणु
तत्त्वतः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यथा | तु | पुरुष + व्याघ्र | युद्धं | परम + संकट
कुरूणां | पाण्डवैः | सार्धं | तत् | सर्वं | शृणु | तत्त्वतः
कुरूणां | पाण्डवैः | सार्धं | तत् | सर्वं | शृणु | तत्त्वतः