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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.58
(33 verses)
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Sanskrit Text
कुण्डली
बद्धनिस्त्रिंशः
संनद्धकवचो
युवा
।
अभिप्रणम्य
शिरसा
द्वाःस्थो
धर्मात्मजाय
वै
।
न्यवेदयद्धृषीकेशमुपयातं
महात्मने
॥
Padaccheda (Word Analysis)
कुण्डली | बन्ध् + निस्त्रिंश | संनह् + कवच | युवा
अभिप्रणम्य | शिरसा | द्वाःस्थो | धर्मात्मजाय | वै
निवेदय् + हृषीकेश | उपयातं | महात्मने
अभिप्रणम्य | शिरसा | द्वाःस्थो | धर्मात्मजाय | वै
निवेदय् + हृषीकेश | उपयातं | महात्मने