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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.50
(83 verses)
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Sanskrit Text
कच्चित्स
कदनं
कृत्वा
परेषां
पाण्डुनन्दन
।
स्वर्गतोऽभिमुखः
संख्ये
युध्यमानो
नरर्षभः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
कच्चित् | स | कदनं | कृत्वा | परेषां | पाण्डु + नन्दन
स्वर् + गम् | ऽभिमुखः | संख्ये | युध्यमानो | नर + ऋषभ
स्वर् + गम् | ऽभिमुखः | संख्ये | युध्यमानो | नर + ऋषभ