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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.38
(30 verses)
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Sanskrit Text
तस्मादस्मिन्हते
शत्रौ
हताः
सर्वेऽहितास्तव
।
शिवेन
ध्याहि
मा
राजन्नेष
हन्मि
रिपुं
तव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तस्माद् | अस्मिन् | हते | शत्रौ | हताः | सर्वे | अहित + त्वद्
शिवेन | ध्याहि | मा | राजन्न् | एष | हन्मि | रिपुं | तव
शिवेन | ध्याहि | मा | राजन्न् | एष | हन्मि | रिपुं | तव