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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.31
(77 verses)
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Sanskrit Text
एतस्मिन्नन्तरे
जिष्णुर्हत्वा
संशप्तकान्बली
।
अभ्ययात्तत्र
यत्र
स्म
द्रोणः
पाण्डून्प्रमर्दति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एतस्मिन्न् | अन्तरे | जिष्णुर् | हत्वा | संशप्तकान् | बली
अभ्ययात् | तत्र | यत्र | स्म | द्रोणः | पाण्डून् | प्रमर्दति
अभ्ययात् | तत्र | यत्र | स्म | द्रोणः | पाण्डून् | प्रमर्दति