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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.21
(29 verses)
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Sanskrit Text
विषाग्निद्यूतसंक्लेशान्वनवासं
च
पाण्डवाः
।
स्मरमाणा
न
हास्यन्ति
संग्राममिति
मे
मतिः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
विष + अग्नि + द्यूत + संक्लेश | वन + वास | च | पाण्डवाः
न + एतद् | हास्यन्ति | संग्रामं | जीवन्त | इति | मे | मतिः
न + एतद् | हास्यन्ति | संग्रामं | जीवन्त | इति | मे | मतिः