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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.165
(125 verses)
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Sanskrit Text
हर्षेण
महता
युक्तो
भारद्वाजे
निपातिते
।
सिंहनादरवं
चक्रे
भ्रामयन्खड्गमाहवे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
हर्षेण | महता | युक्तो | भारद्वाजे | निपातिते
सिंहनाद + रव | चक्रे | भ्रामयन् | खड्गम् | आहवे
सिंहनाद + रव | चक्रे | भ्रामयन् | खड्गम् | आहवे