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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.165
(125 verses)
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Sanskrit Text
पपात
महती
चोल्का
आदित्यान्निर्गतेव
ह
।
दीपयन्तीव
तापेन
शंसन्तीव
महद्भयम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पपात | महती | च + उल्का | आदित्य + निर्गम् + इव | ह
दीपय् + इव | तापेन | शंस् + इव | महद् | भयम्
दीपय् + इव | तापेन | शंस् + इव | महद् | भयम्