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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.162
(52 verses)
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Sanskrit Text
आविग्नमभवत्सर्वं
कौरवाणां
महद्बलम्
।
पाञ्चालानां
च
संसक्तं
न
प्राज्ञायत
किंचन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
आविग्नम् | अभवत् | सर्वं | कौरवाणां | महद् | बलम्
तमसा | संवृते | लोके | न | प्राज्ञायत | किंचन
तमसा | संवृते | लोके | न | प्राज्ञायत | किंचन