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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.114
(94 verses)
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Sanskrit Text
पर्वतं
वारिधाराभिश्छादयन्निव
तोयदः
।
कर्णः
प्राच्छादयत्क्रुद्धो
भीमं
सायकवृष्टिभिः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पर्वतं | वारि + धारा | प्रावृष् + इव | बलाहकाः
कर्णः | प्राच्छादयत् | क्रुद्धो | भीमं | सायक + वृष्टि
कर्णः | प्राच्छादयत् | क्रुद्धो | भीमं | सायक + वृष्टि