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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.83
(39 verses)
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Sanskrit Text
तेऽन्योन्यं
समरे
सेने
युध्यमाने
नराधिप
।
अशोभेतां
यथा
दैत्यदेवसेने
समुद्यते
।
अभ्यद्रवन्त
समरे
तेऽन्योन्यं
वै
समन्ततः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ते | ऽन्योन्यं | समरे | सेने | युध्यमाने | नराधिप
अशोभेतां | यथा | दैत्य + देव + सेना | समुद्यते
अभ्यद्रवन्त | समरे | ते | ऽन्योन्यं | वै | समन्ततः
अशोभेतां | यथा | दैत्य + देव + सेना | समुद्यते
अभ्यद्रवन्त | समरे | ते | ऽन्योन्यं | वै | समन्ततः