Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.83
(39 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
नाराचा
निशिताः
संख्ये
संपतन्ति
स्म
भारत
।
व्यात्तानना
भयकरा
उरगा
इव
संघशः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
नाराचा | निशिताः | संख्ये | संपतन्ति | स्म | भारत
व्यात्त + आनन | भय + कर | उरगा | इव | संघशः
व्यात्त + आनन | भय + कर | उरगा | इव | संघशः