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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.83
(39 verses)
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Sanskrit Text
ततः
शूराः
समासाद्य
समरे
ते
परस्परम्
।
नेत्रैरनिमिषै
राजन्नवैक्षन्त
प्रकोपिताः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततः | शूराः | समासाद्य | समरे | ते | परस्परम्
नेत्रैर् | अनिमिषै | राजन्न् | अवैक्षन्त | प्रकोपिताः
नेत्रैर् | अनिमिषै | राजन्न् | अवैक्षन्त | प्रकोपिताः