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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.80
(51 verses)
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Sanskrit Text
स
संवार्य
रणे
राजा
प्रेषितान्धर्मसूनुना
।
शरान्सप्त
महेष्वासः
कौन्तेयाय
समर्पयत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | संवार्य | रणे | राजा | प्रेषितान् | धर्मसूनुना
शरान् | सप्त | महत् + इष्वास | कौन्तेयाय | समर्पयत्
शरान् | सप्त | महत् + इष्वास | कौन्तेयाय | समर्पयत्