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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.78
(57 verses)
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Sanskrit Text
भीमसेनोऽपि
संक्रुद्धस्तव
सैन्यमुपाद्रवत्
।
निजघान
च
संक्रुद्धो
दण्डपाणिरिवान्तकः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
भीमसेनो | ऽपि | संक्रुध् + त्वद् | सैन्यम् | उपाद्रवत्
निजघान | च | संक्रुद्धो | दण्ड + पाणि | इव + अन्तक
निजघान | च | संक्रुद्धो | दण्ड + पाणि | इव + अन्तक