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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.75
(59 verses)
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Sanskrit Text
सा
दुर्मुखस्य
विपुलं
वर्म
भित्त्वा
यशस्विनः
।
विदार्य
प्राविशद्भूमिं
दीप्यमाना
सुतेजना
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सा | दुर्मुखस्य | विपुलं | वर्म | भित्त्वा | यशस्विनः
विदार्य | प्राविशद् | भूमिं | दीप्यमाना | सु + तेजन
विदार्य | प्राविशद् | भूमिं | दीप्यमाना | सु + तेजन