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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.75
(59 verses)
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Sanskrit Text
स
हताश्वे
रथे
तिष्ठञ्श्रुतकर्मा
महारथः
।
शक्तिं
चिक्षेप
संक्रुद्धो
महोल्कां
ज्वलितामिव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
हन् + अश्व | स | रथात् | तूर्णम् | अवप्लुत्य | महत् + रथ
शक्तिं | चिक्षेप | संक्रुद्धः | सौभद्रस्य | रथं | प्रति
शक्तिं | चिक्षेप | संक्रुद्धः | सौभद्रस्य | रथं | प्रति