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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.75
(59 verses)
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Sanskrit Text
कृपश्च
रथिनां
श्रेष्ठः
कौरव्यममितौजसम्
।
आरोपयद्रथं
राजन्दुर्योधनममर्षणम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
कृप + च | रथिनां | श्रेष्ठः | कौरव्यम् | अमित + ओजस्
आरोपयद् | रथं | राजन् | दुर्योधनम् | अमर्षणम्
आरोपयद् | रथं | राजन् | दुर्योधनम् | अमर्षणम्