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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.63
(21 verses)
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Sanskrit Text
अग्रजं
सर्वभूतानां
संकर्षणमकल्पयत्
।
शेषं
चाकल्पयद्देवमनन्तमिति
यं
विदुः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अग्र + ज | सर्व + भूत | संकर्षणम् | अकल्पयत्
शेषं | च + कल्पय् | देवम् | अनन्तम् | इति | यं | विदुः
शेषं | च + कल्पय् | देवम् | अनन्तम् | इति | यं | विदुः