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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.59
(29 verses)
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Sanskrit Text
तं
बलौघमपर्यन्तं
देवैरपि
दुरुत्सहम्
।
आपतन्तं
सुदुष्पारं
समुद्रमिव
पर्वणि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तं | बल + ओघ | अपर्यन्तं | देवैर् | अपि | दुरुत्सहम्
आपतन्तं | सु + दुष्पार | समुद्रम् | इव | पर्वणि
आपतन्तं | सु + दुष्पार | समुद्रम् | इव | पर्वणि