Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.58
(61 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
स
गजान्गदया
निघ्नन्व्यचरत्समरे
बली
।
भीमसेनो
महाबाहुः
सवज्र
इव
वासवः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | गजान् | गदया | निघ्नन् | व्यचरत् | समरे | बली
भीमसेनं | महत् + बाहु | पार्षतः | पर + वीर + हन्
भीमसेनं | महत् + बाहु | पार्षतः | पर + वीर + हन्