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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.58
(61 verses)
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Sanskrit Text
दुर्योधनस्तु
संक्रुद्धो
मागधं
समचोदयत्
।
अनीकं
दशसाहस्रं
कुञ्जराणां
तरस्विनाम्
।
मागधं
पुरतः
कृत्वा
भीमसेनं
समभ्ययात्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | दुर्योधनो | राजा | कलिङ्गं | समचोदयत्
अनीकं | दशन् + साहस्र | कुञ्जराणां | तरस्विनाम्
मागधं | पुरतः | कृत्वा | भीमसेनं | समभ्ययात्
अनीकं | दशन् + साहस्र | कुञ्जराणां | तरस्विनाम्
मागधं | पुरतः | कृत्वा | भीमसेनं | समभ्ययात्