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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.57
(36 verses)
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Sanskrit Text
धनुर्विस्फार्य
संक्रुद्धश्चोदयित्वा
वरूथिनीम्
।
ययौ
तन्मद्रकानीकं
केकयांश्च
परंतपः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
धनुर् | विस्फार्य | संक्रुध् + चोदय् | वरूथिनीम्
ययौ | तद् + मद्रक + अनीक | केकय + च | परंतपः
ययौ | तद् + मद्रक + अनीक | केकय + च | परंतपः