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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.55
(132 verses)
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Sanskrit Text
रथादवप्लुत्य
ततस्त्वरावा;न्पार्थोऽप्यनुद्रुत्य
यदुप्रवीरम्
।
जग्राह
पीनोत्तमलम्बबाहुं;
बाह्वोर्हरिं
व्यायतपीनबाहुः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
रथाद् | अवप्लुत्य | ततस् + त्वरावत् | पार्थो | अपि + अनुद्रु | यदु + प्रवीर
जग्राह | पीन + उत्तम + लम्ब + बाहु | बाह्वोर् | हरिं | व्यायम् + पीन + बाहु
जग्राह | पीन + उत्तम + लम्ब + बाहु | बाह्वोर् | हरिं | व्यायम् + पीन + बाहु