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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.55
(132 verses)
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Sanskrit Text
सर्वधर्मविशेषज्ञः
पिता
देवव्रतस्तव
।
अभ्ययाज्जवनैरश्वैः
पाण्डवानामनीकिनीम्
।
महत्या
सेनया
गुप्तस्तव
पुत्रैश्च
सर्वशः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
गरुडस्य | स्वयं | तुण्डे | पिता | देवव्रत + त्वद्
अभिया + जवन | अश्वैः | पाण्डवानाम् | अनीकिनीम्
महत्या | सेनया | गुप्तः | प्रायाद् | भीम + रथ | प्रति
अभिया + जवन | अश्वैः | पाण्डवानाम् | अनीकिनीम्
महत्या | सेनया | गुप्तः | प्रायाद् | भीम + रथ | प्रति