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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.45
(63 verses)
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Sanskrit Text
ततो
भीष्मो
महाबाहुर्विनद्य
जलदो
यथा
।
तालमात्रं
धनुर्गृह्य
शङ्खमभ्यद्रवद्रणे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | भीष्मो | महत् + बाहु | विनद्य | जलदो | यथा
ताल + मात्र | धनुर् | गृह्य | शङ्खम् | अभ्यद्रवद् | रणे
ताल + मात्र | धनुर् | गृह्य | शङ्खम् | अभ्यद्रवद् | रणे