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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.22
(22 verses)
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Sanskrit Text
एतान्यनीकानि
महानुभावं;
गूहन्ति
मेघा
इव
घर्मरश्मिम्
।
एतानि
हत्वा
पुरुषप्रवीर;
काङ्क्षस्व
युद्धं
भरतर्षभेण
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एतद् + अनीक | महत् + अनुभाव | गूहन्ति | मेघा | इव | घर्मरश्मिम्
एतानि | हत्वा | पुरुष + प्रवीर | काङ्क्षस्व | युद्धं | भरत + ऋषभ
एतानि | हत्वा | पुरुष + प्रवीर | काङ्क्षस्व | युद्धं | भरत + ऋषभ