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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.21
(17 verses)
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Sanskrit Text
तस्य
ते
न
व्यथां
कांचिदिह
पश्यामि
भारत
।
यस्य
ते
जयमाशास्ते
विश्वभुक्त्रिदशेश्वरः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तस्य | ते | न | व्यथां | कांचिद् | इह | पश्यामि | भारत
यस्य | ते | जयम् | आशास्ते | विश्वभुक् | त्रिदशेश्वरः
यस्य | ते | जयम् | आशास्ते | विश्वभुक् | त्रिदशेश्वरः