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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.21
(17 verses)
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Sanskrit Text
पुरा
ह्येष
हरिर्भूत्वा
वैकुण्ठोऽकुण्ठसायकः
।
सुरासुरानवस्फूर्जन्नब्रवीत्के
जयन्त्विति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पुरा | हि + एतद् | हरिर् | भूत्वा | वैकुण्ठो | अकुण्ठ + सायक
सुर + असुर | अवस्फूर्जन्न् | अब्रवीत् | के | जि + इति
सुर + असुर | अवस्फूर्जन्न् | अब्रवीत् | के | जि + इति