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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.13
(50 verses)
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Sanskrit Text
सूर्यस्त्वष्टौ
सहस्राणि
द्वे
चान्ये
कुरुनन्दन
।
विष्कम्भेण
ततो
राजन्मण्डलं
त्रिंशतं
समम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सूर्य + तु + अष्टन् | सहस्राणि | द्वे | च + अन्य | कुरु + नन्दन
विष्कम्भेण | ततो | राजन् + मण्डल | त्रिंशतं | समम्
विष्कम्भेण | ततो | राजन् + मण्डल | त्रिंशतं | समम्