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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.114
(112 verses)
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Sanskrit Text
यत्ते
व्यवसितं
वीर
अस्माकं
सुमहत्प्रियम्
।
तत्कुरुष्व
महेष्वास
युद्धाद्बुद्धिं
निवर्तय
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यत् | ते | व्यवसितं | वीर | अस्माकं | सु + महत् | प्रियम्
तत् | कुरुष्व | महत् + इष्वास | युद्धाद् | बुद्धिं | निवर्तय
तत् | कुरुष्व | महत् + इष्वास | युद्धाद् | बुद्धिं | निवर्तय